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साहित्य के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले कृष्ण कुमार भट्ट ‘पथिक’ को साहित्यकारों ने किया नमन…श्रद्धांजलि सभा में सबकी आंखें नम…

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स्वतंत्र तिवारी – 9752023023

मुंगेली/ आगर साहित्य समिति के पूर्व संरक्षक स्वर्गीय कृष्ण कुमार भट्ट ‘पथिक’ की पुण्यतिथि पर समिति के सदस्यों के द्वारा कल 9 जून को होटल पुनीत में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया था । श्रद्धांजलि सभा का आरंभ भट्ट जी के छांयाचित्र में पुष्पहार समर्पण के साथ हुआ । श्रद्धांजलि सभा का माहौल उस समय बेहद गमगीन हो गया जब ‘पथिक’ जी के साथ बिताए पलों को याद करते हुए कई साहित्यकारों के गले रुंध गए और उपस्थित सदस्यों की आंखें नम हो गईं। समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र परिहार ने कहा- मुंगेली जिले में साहित्य को जीवंत बनाए रखने में आगर साहित्य समिति के साहित्यकारों को लेखन की प्रति प्रेरित करते रहने में स्वर्गीय भट्ट जी का बड़ा योगदान रहा । इस अवसर पर समिति के साहित्यकारों ने ‘पथिक’ जी के द्वारा जिले के साहित्य के लिए किए गए योगदान को स्मरण किया गया । उन्हें याद करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार और पत्रकार मनोज अग्रवाल ने कहा- साहित्य के लिए भट्ट जी जैसा व्यक्तित्व होना अत्यंत दुर्लभ है । शासकीय सेवा में सेवानिवृत होने के पश्चात भी मुंगेली की साहित्यिक उन्नति के भाव लेकर जीवन के अंतिम समय तक किराए के मकान में परिवार से दूर मुंगेली में रहा करते थे । वरिष्ठ साहित्यकार और भागवत आचार्य डॉ.सत्यनारायण तिवारी ने कहा- सादगी और समर्पण के समन्वय का नाम ही कृष्ण कुमार भट्ट ‘पथिक’ होता है । तुम जैसा समर्पित साहित्यकार विरले ही कहीं मिले । इस अवसर पर उन्हें स्मरण करते हुए आगर साहित्य समिति के संयोजक अध्यापक अशोक गुप्ता ने कहा – मुंगेली के साहित्यकारों को शहर से बाहर निकलने और साहित्य सृजन के लिए निरंतर प्रेरित करने का कार्य कृष्ण कुमार भट्ट जी ने किया । आगर साहित्य समिति के सहसंयोजक राकेश गुप्ता ‘निर्मल’ ने कहा- मुझे साहित्य की ओर जोड़ने का काम ‘पथिक’ जी ने किया । ‘कविता चौराहे पर’ को प्रोत्साहित किया । समिति के सचिव देव गोस्वामी ने कहा- भट्ट जी का मेरे प्रति विशेष स्नेह रहा । उन्हीं के सानिध्य में अगर साहित्य समिति के गोष्ठियों में आना शुरू किया । यह हमेशा लिखने के लिए प्रेरित करते रहे । मेरी नजरों में वे साहित्य ऋषि थे । वरिष्ठ व्यवसायी प्रवीण वैष्णव, जगदीश प्रसाद देवांगन, चंद्रशेखर उपाध्याय, विभा सोनी, दिलीप सिंह राजपूत ने भी श्रद्धा सुमन अर्पित किया । सभा का संचालन आगर साहित्य समिति के अध्यक्ष देवेन्द्र परिहार ने किया । अंत में 2 मिनट मौन रखकर श्रद्धांजलि सभा का समापन किया गया ।