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मुंगेली-पंडरिया मार्ग अत्यंत जर्जर…बरसात से पहले क्यों नहीं हुई मरम्मत ? जनता में भयंकर आक्रोश…
मुंगेली/ एक तरफ प्रदेश सरकार द्वारा जहां विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सूबे के डिप्टी सीएम अरुण साव के गृहजिले मुंगेली की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर से मुंगेली-पंडरिया मुख्य मार्ग का लगभग 2 किलोमीटर का हिस्सा इस कदर जर्जर हो चुका है कि हर पल हादसों को न्योता दे रहा है। सड़क पर गड्ढे हैं या गड्ढों में सड़क, यह पहचानना मुश्किल हो गया है। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि मानसून सिर पर होने के बावजूद शासन-प्रशासन ने समय रहते इस बदहाल सड़क के निर्माण या मरम्मत की सुध क्यों नहीं ली ?
स्कूली बच्चों और राहगीरों की जिंदगी दांव पर…
यह मार्ग क्षेत्र का एक प्रमुख और व्यस्ततम मार्ग है, जिससे होकर रोजाना सैकड़ों की संख्या में स्कूली बच्चे, एम्बुलेंस, दफ्तरी कर्मचारी और आम राहगीर गुजरते हैं। जर्जर सड़क और उस पर जमा कीचड़-पानी के कारण दोपहिया वाहन चालक और साइकिल से आने-जाने वाले स्कूली बच्चे लगातार फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डालकर स्कूल जाने को मजबूर हैं। जरा सी चूक किसी बड़ी अनहोनी में बदल सकती है, लेकिन जिम्मेदार लोग आंखें मूंदे बैठे हैं।
बरसात पूर्व मरम्मत क्यों नहीं ? प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल…
नियमानुसार मानसून की दस्तक से पहले सभी प्रमुख सड़कों के संधारण और मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाना चाहिए। लेकिन मुंगेली-पंडरिया मार्ग को उसके हाल पर छोड़ दिया गया।बारिश का पानी गड्ढों में भरने से चालकों को गहराई का अंदाजा नहीं होता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। इस मामले में जिम्मेदारों के साथ-साथ पक्ष-विपक्ष की चुप्पी समझ से परे हैं। सवाल यह है कि जब बजट और योजनाएं कागजों पर पास होती हैं, तो धरातल पर काम क्यों नहीं दिखता ?
क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ? जनता में भयंकर आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी…
सड़क की दुर्दशा से त्रस्त स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि डिप्टी सीएम का गृहजिला होने के बावजूद अगर मुख्य सड़कों का यह हाल है, तो ग्रामीण और अंदरूनी इलाकों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। जनता में शासन और प्रशासन के खिलाफ भयंकर आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत का काम शुरू नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होंगे।




