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भ्रष्टाचार के चक्रव्यूह में फंसा मुंगेली…SNG कालेज में DMF मद से हुए कार्य में जमकर भ्रष्टाचार… DMF मद से 32 लाख खर्च…अब डिप्टी सीएम देंगे 50 लाख…कलेक्टर से शिकायत के एक साल बाद भी कार्यवाही नहीं…कलेक्टर ने PWD को 3 बार भेजा पत्र…लापरवाही की हद…

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रायपुर-मुंगेली/ भ्रष्टाचार, अनियमितता, गबन, घोटाले ये सारे शब्द मुंगेली में कराये जा रहे निर्माण कार्यो, मरम्मत कार्यो और जीर्णोद्धार कार्यो के पर्याय बन चुके हैं। कारण यह हैं कि मुंगेली में अधिकारियों की मनमानी उनकी भ्रष्टचार करने की सोच ने मुंगेली के विकास में अवरोध उत्पन्न किया हैं। मुंगेली में हुए भ्रष्टाचार पर अपराध भी पंजीबद्ध हो चुके हैं और भ्रष्ट जनप्रतिधि सहित भ्रष्ट अधिकारियों को जेल भी जाना पड़ा हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मुंगेली में डीएमएफ मद से हुए निर्माण, जीर्णोद्धार कार्य में जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा हैं। डीएमएफ फंड की राशि से हुए निर्माण कार्यो में काफी अनियमितताएं बरती जा रही हैं, डीएमएफ मद से कराए जा रहे कार्यो में अधिकांश कार्य कुछ महीनों में ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका हैं और जिम्मेदार अधिकारियों ने भी मामले में लीपापोती करने में लगे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के रायपुर रोड स्थित एसएनजी कालेज में मुंगेली जिला खनिज संस्थान न्यास के मद से ग्राम पंचायत लिलवाकापा द्वारा लभगभ 14 लाख 90 हजार का जीर्णोद्धार कार्य और लगभग 13 लाख की लागत से चेनलिंग फेंसिंग एवं गार्डन निर्माण कराया गया था, कार्य पूर्ण होते ही संबंधित और जिम्मेदार अधिकारियों ने उपयोगिता/कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र और गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी भी कर दिया, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उपयंत्री जनपद पंचायत सहित सरपंच, सचिव लिलवाकापा के हस्ताक्षर हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कॉलेज परिसर में ही लगभग 5 लाख से अधिक की राशि का ओपन जिम का निर्माण भी किया गया हैं।
प्राप्त जानकारी के डीएमएफ फंड से एसएनजी कॉलेज में कराये गए इस जीर्णोद्धार कार्य में जमकर अनियमितता बरती गई हैं, बताया जाता हैं कि एसएनजी कालेज के सामने परिसर ग्राउंड में कार्य हुआ है उसमें जमकर भ्रष्टाचार किया गया हैं क्योंकि जीर्णोद्धार कार्य के कुछ महीनों में ही बैठने के लिए बनाए गए चबूतरे की टाइल्स उखड़ने लग गई थी, चेकर ब्लॉक्स टाइल्स भी निकल गए और जीर्णोद्धार के अंतर्गत बनाये गए सभी चबूतरे जर्जर हो गए हैं, जो आज भी जर्जर स्थिति में हैं ऐसे में प्रश्न यह उठता हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान इन कमियों को क्यों नहीं देखा ? उपयोगिता/ कार्यपूर्णता और गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी कैसे कर दिया ? फिलहाल इस एसएनजी कॉलेज में पढ़े छात्रों का कहना हैं कि इस मामले में भ्रष्टाचार करने वाले दोषियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए, तथा उनसे ही रिकवरी कर उसी राशि से पुनः गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जाना चाहिए। वहीं शहर की जनता व छात्रों में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के लिए भी आक्रोश हैं कि अधिकारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार पर वे चुप क्यों हैं ?
प्राप्त जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने एसएनजी कालेज के मरम्मत और रंगरोगन के लिए 50 लाख की राशि देने की घोषणा की गई हैं।

शिकायत के 15 माह बाद भी कार्यवाही नहीं…

इस पूरे मामले में मुंगेली निवासी अधिवक्ता स्वतंत्र तिवारी ने दिनांक 17/09/2024 को मुंगेली कलेक्टर से शिकायत कर कार्यवाही करने की मांग किया था, शिकायत में बताया गया हैं कि जनपद पंचायत मुंगेली से सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार शा.एस. एन.जी. कालेज में जीर्णोद्धार का कार्य डीएमएफ मद से लिलवाकापा ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया है जिसकी स्वीकृति की लागत लगभग 14.90 लाख रूप्ये हैं, एसएनजी कालेज में उक्त जीर्णोद्धार कार्य का गुणवक्ता प्रमाण पत्र तथा उपयोगिता / कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र अधिकारियों द्वारा जारी किया गया जिसमें मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मुंगेली, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उपयंत्री जनपद पंचायत मुंगेली, ग्राम पंचायत लिलवाकापा के सरपंच व सचिव के हस्ताक्षर हैं, इसमें यह तथ्य स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि एसएनजी कालेज में डीएमएफ से जो जीर्णोद्धार कार्य हुआ हैं वह कालेज के अंदर हुआ हैं या कालेज परिसर में बने चबूतरे, चेकर टाईल्स/ब्लाक लगाने का कार्य भी इसी जीर्णोद्धार कार्य के तहत हुआ हैं या इसका अलग से मद, योजना से निर्माण/जीर्णोद्धार कार्य हुआ हैं ? और इस कार्य का अलग से सूचना पटल बोर्ड भी नहीं लगाया गया हैं। महाविद्यालय प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार पहले एसएनजी कालेज के बाहर के परिसर में चूबतरे, चेकर टाईल्स निर्माण का कार्य हुआ था, उसके बाद कालेज के अंदर कार्य हुआ है दोनों कार्य डीएमएफ मद का बताया जा रहा हैं। एसएनजी कालेज में डीएमएफ से हुये समस्त कार्यों की गुणवक्ता की सूक्ष्मता से जांच करने तथा कालेज परिसर में चबूतरा, टाईल्स ब्लाक निर्माण में जो अनियमिततायें, भ्रष्टाचार बरती गई हैं उसमें संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने तथा उनसे राशि वसूली कर उसी राशि से पुनः गुणवक्तापूर्ण निर्माण, मरम्मत व जीर्णोद्धार कार्य कराये जाने की मांग की गई थी जो आज तक लंबित हैं। शिकायत को करीब 15 माह हो गए पर कलेक्टर द्वारा अभी तक इस मामले में कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की गई, केवल जांच के नाम पर पत्र व्यवहार किया गया।

कलेक्टर ने 3 बार PWD को भेजा पत्र…PWD के अधिकारी हुये लापरवाह…

स्वतंत्र तिवारी के शिकायत के बाद दिनांक 26/09/2024 को संयुक्त कलेक्टर मुंगेली द्वारा कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग मुंगेली को ज्ञापन भेज एसएनजी कॉलेज में डीएमएफ मद की राशि के तहत हुए जीर्णोद्धार कार्य में हुए भारी भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्यवाही करने के संबंध में शिकायत पर नियमानुसार जांच कर कार्यवाही करते हुए की गई कार्यवाही का अभिमत सहित प्रतिवेदन मांगा गया था। उसके बाद अपर कलेक्टर मुंगेली द्वारा दिनांक 02/01/2025 को कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी मुंगेली को उक्त मामले में किये गए जांच व कार्यवाही का अभिमत सहित प्रतिवेदन दिनांक 03/01/2025 सुबह 11 बजे मनियारी सभाकक्ष में प्रस्तुत करने कहा गया। उसके बाद दिनांक 22/07/2025 को अपर कलेक्टर मुंगेली द्वारा पुनः ईई पीडब्ल्यूडी मुंगेली को स्मरण पत्र भेज शिकायत के संबंध में नियमानुसार जांच कर अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा पीडब्ल्यूडी मुंगेली को भेजे गए तीन पत्रों-समरण पत्रों से यह तो स्पष्ट हैं कि लोक निर्माण विभाग मुंगेली के अधिकारी कितने लापरवाह और निष्क्रिय हैं ? या ये भ्रष्टाचार को दबाना चाह रहे हैं ? या इन्हें कलेक्टर का डर नहीं ? या इन्हें किसी नेता या उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है ? अब देखना हैं कि मामले में आगे कलेक्टर द्वारा क्या कार्यवाही की जाती हैं ?