गिरते जल स्तर के बावजूद जल क्षेत्रों में अतिक्रमण…नए कलेक्टर को लेना होगा संज्ञान…
मुंगेली/ मुंगेली में अधिकारियों द्वारा नियमों-अधिनियमों, कायदे कानून की ऐसी धज्जियाँ उड़ाई जा रही मानो ऐसा लग रहा कि उन्हें ऐसा करने खुली छूट दे दी गई हो। मुंगेली में गिरते जल स्तर की चिंता किसी को नहीं हैं, और न ही जलस्त्रोतों को संरक्षण करने, बचाने कोई विशेष पहल की जा रही हैं, जो हैं वो केवल कागजों और फ़ोटोबाजी तक सीमित दिखाई दे रहे हैं।
आपको बता दे कि मुंगेली अंबेडकर वार्ड स्थित शिक्षक नगर से गुजरने वाले खड़खड़िया नाले पर अतिक्रमण निरंतर जारी हैं। इसे रोकने जिला प्रशासन और नगर पालिका पूरी तरह से नाकाम साबित हो रही हैं, कई बार खड़खड़िया नाले पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की शिकायत की गई थी परंतु उसके बाद भी कार्यवाही नहीं हुई बल्कि कार्यवाही के नाम पर केवल औपचारिकता निभाई गई। साथ ही खड़खड़िया नाले की सफाई की मांग भी की गई हैं। लेकिन आज तक सफाई नहीं हो सकी।
हाल ही में शिक्षक नगर से गुजरने वाले खड़खड़िया नाले पर ही अवैध निर्माण जारी हैं जबकि नगर पालिका द्वारा जानकारी दिया गया कि नाले की जमीन से नियमानुसार 9 मीटर की दूरी पे भवन अनुज्ञा दी गई हैं परंतु जिसे भवन अनुज्ञा दी गई हैं उसके द्वारा नाले की जमीन पर ही अवैध निर्माण किया जा रहा हैं। ऐसे में नगर पालिका और अवैध निर्माण करने वाले की सांठगांठ की संभावना दिख रही हैं, क्योंकि निर्माण कार्य युद्ध स्तर में हो रहा हैं, जब मामला सामने आया तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने दिनांक 26/03/2025 को अवैध निर्माण करने वाले को नोटिस जारी किया गया जिसमें स्पष्ट तौर पे कहा गया कि अम्बेडकर वार्ड क्र 13 मुंगेली में स्थित भूमि आवासीय प्रयोजनार्थ भवन निर्माण की अनुमति ली गई है। उक्त भूमि नाला के किनारे स्थित होने पर कारण अनुज्ञा प्रमाण पत्र नाला से 9 मीटर छोडकर प्रदान किया गया था। किन्तु आपके द्वारा बिना अनुमति के निर्माण नाला के किनारे निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
चूंकि भूमि विकास अधिनियम 1984 के नियम के अनुसार राज्य के सभी उच्चतम जल स्त्रोत से 9 मीटर से 15 मीटर की दूरी होगी ऐसे भूमि के हिस्से का उपयोग भवन निर्माण के रूप में नहीं किया जाना है। अतः आपको सूचित किया जाता है कि 03 दिवस के भीतर उक्त स्थल में निर्माण कार्य को तत्काल बंद करें अन्यथा की स्थिति अवैध निर्माण समझकर उक्त भवन को तोडने कि कार्यावाही करते हुए आपके विरूद्ध नगरपालिका अधिनियम, 1961 की धारा 187 (क) के तहत कार्यवाही की जावेगी जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी आपकी स्वयं की होगी।
उक्त नोटिस के बाद भी निर्माण कार्य जारी रहा। उसके बाद इसकी शिकायत सुशासन तिहार में की गई जिस पर नगर पालिका द्वारा दिनांक 30/04/2025 को उक्त स्थल का सीमांकन कर सीमांकन प्रतिवेदन और चौहद्दी देने तहसीलदार को पत्र भेजा गया। जिसके बाद जांच टीम सीमांकन के लिए पहुंची।
जांच टीम ने पाया नाले की जमीन में हो रहा अवैध निर्माण…पर जांच रिपोर्ट और कार्यवाही में देरी क्यों ?
नाले की जमीन में अवैध निर्माण व कब्जे की शिकायत के बाद राजस्व टीम जांच के लिए स्थल पहुँची, जहां मोहल्लेवासी भी मौजूद थे, जांच में नाले से 4 मीटर की दूरी में ही निर्माण पाया गया जबकि नगर पालिका द्वारा अनुज्ञा में 9 मीटर छोड़ के निर्माण करना था, राजस्व टीम द्वारा 30/05/2025 को जांच, सीमांकन किया गया, जिसमें नाले की जमीन में अवैध निर्माण पाया गया, जांच, सीमांकन टीम में आरआई, पटवारी, नगर पालिका का स्टॉफ, शिकायतकर्ता और मोहल्लेवासी मौजूद थे।
अब देखना यह कि जांच टीम प्रतिवेदन कब देता हैं ? और नाले की बड़ी जमीन में हो रहे अवैध निर्माण को कब तोड़ता हैं ?
अम्बेडकर वार्ड के वार्डवासियों ने भी मांग की हैं कि नाले में तथा नाले से लगकर हो रहे अवैध निर्माण के कारण नाले का अस्तित्व खतरे में हैं तथा इससे जलप्रवाह बाधित हो रहा हैं, उनका कहना हैं कि नाले की जमीन या नाले से लगकर भवन अनुज्ञा, भवन निर्माण की अनुमति न दिया जाये तथा जिन्हें इस नाले वाले क्षेत्र में भवन अनुज्ञा दिया गया हैं उसे निरस्त करने की मांग की गई हैं।




