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‘सुशासन तिहार’ के नाम पर जनता से छलावा…पुराने आवेदन, शिकायतें ‘डस्टबिन में…पुरानी समस्याओं का समाधान नहीं…अब फिर सजेगा सुशासन तिहार का मंच…

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स्वतंत्र तिवारी – 9752023023

मुंगेली-​रायपुर / मई 2026 से छत्तीसगढ़ में एक बार फिर ‘सुशासन तिहार’ का उत्सव मनाने की तैयारी जोरशोर से चल रही हैं। शासन-प्रशासन मई के इस तपते महीने में जनता के द्वार, मोहल्ले में पहुँचने का दावा तो कर रहा है, लेकिन धरातल पर हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। क्योंकि पिछले साल यानी 2025 के ‘सुशासन तिहार’ में प्रदेश भर से आए लाखों आवेदनों का क्या हुआ ? यह सवाल आज भी लोगों के जेहन में है। ​2025 के सुशासन तिहार में दिए गए आवेदनों, शिकायतों और जनहित से जुड़े मामलों पर कार्यवाही के नाम पर जनता को ठगा जा रहा, मामला लंबित रहता हैं और सुशासन तिहार के वेबसाइट में मामला या प्रकरण निराकृत दिखाई देता हैं जिससे सुशासन तिहार में आवेदन देने वालों में शासन प्रशासन को लेकर भयंकर आक्रोश हैं मुंगेलीवासियों ने कहा कि सुशासन तिहार के नाम पर अब फिर नौटंकी शुरू होने वाली हैं क्योंकि 2025 के सुशासन तिहार में दिये गए बहुत से आवेदनों, जनहित से जुड़े मूलभूत मांगों, शिकायतों का निराकरण नहीं हो पाया हैं।
​पिछले वर्ष सुशासन तिहार के नाम पर पूरे प्रदेश में बड़े-बड़े पंडाल सजाए गए थे, लेकिन इसका लाभ जनता को नहीं मिल पाया, और वेबसाइट में मामला निराकृत लिख दिया गया हैं जबकि हकीकत में समस्या और शिकायत जस की तस हैं।

मुख्यमंत्री के आदेश की अवहेलना…आवेदनों का नहीं हुआ निराकरण…

2025 के सुशासन तिहार में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समस्त कलेक्टर को निर्देश जारी कर कहा गया था कि सभी प्राप्त आवेदनों को स्कैन कर सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा और संबंधित जिला/जनपद / नगरीय निकाय के अधिकारियों को ऑनलाइन व भौतिक रूप से भेजा जाएगा। संबंधित विभाग / अधिकारी लगभग एक माह में इन आवेदनों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। मांग से संबंधित आवेदनों को बजट की उपलब्धता के आधार पर निराकृत किया जाएगा। इन आवेदनों के निराकरण की गुणवत्ता का विश्लेषण जिला और राज्य स्तर पर किया जाए। पर उसके बाद भी 2025 के सुशासन तिहार के कई मामले सुलझे नहीं हैं ऐसे में जनता विष्णुदेव साय के सुशासन तिहार पर क्यों विश्वास करेंगी ?

​जनता का आक्रोश – “यह सुशासन है या सिर्फ प्रदर्शन?”

​मई 2026 में फिर से शुरू हो रहे इस सुशासन तिहार अभियान को लेकर आम जनता के बीच तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही हैं मुंगेलीवासियों में बहुत बहुत ही आक्रोशित हैं क्योंकि समस्या निराकरण के नाम पर केवल उन्हें ठगा जा रहा।​शिकायतकर्ताओं का कहना है: “जब पिछले साल की अर्जी पर कार्रवाई नहीं हुई, तो इस साल फिर से आवेदन लेकर धूप में खड़े होने का क्या मतलब ? यह सिर्फ लाखों-करोड़ों रुपयों की बर्बादी और प्रचार का एक तरीका है।” जमीनी स्तर पुराने पेंडिंग केसों को सुलझाने के बजाय नए आयोजन की तैयारियों में व्यस्त हैं।

​​बजट का खेल…

जनता का कहना हैं कि आगामी होने वाले सुशासन तिहार के नाम पर टेंट, कैटरिंग और विज्ञापनों, होर्डिंग्स के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाएंगे, जबकि वही राशि जनहित के कार्यों में लग सकती हैं। पिछली शिकायतों का निराकरण क्यों नहीं हुआ, इसके लिए किसी अधिकारी की जवाबदेही तय क्यों नहीं की गई हैं ?

वही दूसरी ओर अब ​विपक्षी दल कांग्रेस ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए इसे ‘नौटंकी’ करार दिया हैं, मुंगेलीवासियों का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में सुशासन देना चाहती है, तो उसे नए आयोजन से पहले पुराने आवेदकों को उनके पूर्णतः निराकरण की ‘पावती’ देनी चाहिए, प्रदेश की जनता अब केवल ‘आवेदन’ देकर थक चुकी है; उसे अब ‘आदेश’ और ‘अमल’ का इंतजार है। देखना यह होगा कि मई 2026 का यह ‘तिहार’ सचमुच सुशासन लाएगा या पिछले साल की तरह फाइलों के बोझ तले दब जाएगा।

कांग्रेस नेताओं ने की टिप्पणी –

‘सुशासन तिहार’ जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग और महज एक इवेंट मैनेजमेंट के अलावा कुछ नहीं है। सरकार सुशासन का ढोल पीट रही है, जबकि हकीकत में राज्य की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है।” पिछले वर्ष के सुशासन तिहार के आवेदन लंबित हैं और प्रदेश सरकार फिर सुशासन तिहार आयोजित कर जनता का अपमान कर रही हैं।

दीपक गुप्ता, शहर कांग्रेस अध्यक्ष 

ढाई साल सरकार को होने जा रहा हैं, सुशासन तिहार के नाम पर केवल दिखावा किया जा रहा हैं, जगह-जगह शराब दुकान खोली जा रही हैं जिससे अपराध बढ़ रहा है नशीले दवाइयां का पूरा छत्तीसगढ़ में जाल बिछा हुआ हैं, पूरे प्रदेश की सड़कें जर्जर हैं, जंगल काटे जा रहे हैं, और प्रदेश सरकार सुशासन के नाम पर दिखावा कर रही हैं।

– संजय यादव उपाध्यक्ष जिला कांग्रेस मुंगेली