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मुंगेली/ प्रदेश में सूरज के तीखे तेवर और बढ़ते तापमान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मुंगेली जिले में तपती गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है, लेकिन नगर पालिका मुंगेली प्रशासन की संवेदनहीनता के कारण राहगीरों को इस भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अब तक सरकारी ‘प्याऊ घर’ नहीं खोले गए हैं, जिससे आम जनता में भारी आक्रोश है।
राहगीरों के लिए ठंडा पानी एक सपना बन कर रह गया हैं।
गर्मी का सीजन शुरू हुए कई हफ्ते बीत चुके हैं, लेकिन मुंगेली नगर पालिका के जिम्मेदार अब भी गहरी नींद में हैं। शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों व मार्गो पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन होता है। प्यास बुझाने के लिए लोगों को मजबूरी में ऊंचे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है या दुकानों के सामने हाथ फैलाने पड़ रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ”नगर पालिका टैक्स तो समय पर वसूलती है, लेकिन जब जनता को बुनियादी सुविधा देने की बात आती है, तो फाइलें दफ्तरों में ही दबी रह जाती हैं।
राहगीरों और व्यापारियों ने मांग की है कि प्रमुख स्थानों पर तत्काल मिट्टी के घड़ों वाले प्याऊ घर की व्यवस्था की जाए। यदि समय रहते प्याऊ नहीं खोले गए, तो भीषण लू के चलते राहगीरों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है।
पार्षद विनय चोपड़ा ने भी अधिकारियों से मांग की हैं कि शहर के विभिन्न जगहों पर जल्द ही प्याऊ घर खोला जाये।




