Home छत्तीसगढ़ अवैध निर्माणों पर नगर पालिका की चुप्पी…प्रदेश सरकार को हो रही भयंकर...

अवैध निर्माणों पर नगर पालिका की चुप्पी…प्रदेश सरकार को हो रही भयंकर राजस्व क्षति…अधिकारी बने मूकदर्शक…डिप्टी सीएम अरुण साव का विभाग सवालों के घेरे में…?…

107
0

स्वतंत्र तिवारी – 9752023023

​मुंगेली/ ​शहर में इन दिनों अवैध निर्माण का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। बिना नक्शा पास कराए और नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की जा रही बहुमंजिला इमारतों और व्यावसायिक परिसरों पर मुंगेली नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह मेहरबान नजर आ रहा है। अधिकारियों की इस रहस्यमयी ‘चुप्पी’ और लापरवाही के कारण प्रदेश सरकार को लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का भयंकर नुकसान उठाना पड़ रहा है।

​नियमों की धज्जियां, जिम्मेदार बेखबर…

​शहर के मुख्य बाजारों से लेकर रिहायशी इलाकों तक, हर जगह बिना एप्रूव्ड मैप और डेवलपमेंट फीस चुकाए धड़ाधड़ निर्माण कार्य जारी हैं। नक्शा पास नहीं हैं और व्यावसायिक इमारतों को बिना पार्किंग और सुरक्षा मानकों के खड़ा किया जा रहा हैं।

​सरकार के खजाने पर चपत…बिना अनुमति हो रहे अवैध निर्माण…

​यदि नियमानुसार नक्शा पास कराकर और निर्धारित फीस जमा करके निर्माण कराया जाए, तो प्रदेश सरकार और स्थानीय निकाय के खजाने में भारी राजस्व जमा होगा। लेकिन नगर पालिका के संबंधित अधिकारियों की कथित सांठगांठ और अनदेखी के चलते यह राजस्व सीधे तथाकथित राजनीतिक रसूखदार की जेब में जा रहा है।

​स्थानीय निवासियों का कहना है “शिकायत करने के बावजूद नगर पालिका की टीम केवल औपचारिकता निभाने जाती है केवल नोटिस जारी करने के नाम पर कागजी खानापूर्ति की जाती है, लेकिन धरातल पर अवैध निर्माण एक दिन के लिए भी नहीं रुकता।”

​मूकदर्शक बने जिम्मेदार अधिकारी…

​सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि दिन के उजाले में हो रहे इन अवैध निर्माणों जिम्मेदार अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ती ? क्या यह महज अधिकारियों की सुस्ती है या फिर इसके पीछे किसी बड़े ‘सिंडिकेट’ का हाथ है ? प्रदेश सरकार एक तरफ जहां राजस्व बढ़ाने के लिए कड़े कदम उठा रही है, वहीं स्थानीय स्तर पर अधिकारियों की यह अनदेखी सरकार की मंशा पर पानी फेर रही है।

​अब देखना यह होगा कि ​क्या शासन स्तर से इस पूरे मामले को संज्ञान लेकर दोषी अधिकारियों और अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई की जाएगी, या फिर नगर पालिका की यह ‘रहमदिली’ यूं ही जारी रहेगी और सरकार का खजाना खाली होता रहेगा ?