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रायपुर-मुंगेली/ राजधानी रायपुर के रंगमंदिर में आयोजित संगीत कला अकादमी के प्रतिष्ठित ‘नटरंग’ महोत्सव (3 से 9 अप्रैल) में मुंगेली की प्रतिभावान नृत्यांगना कु. स्नेहा शर्मा ने अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कथक नृत्य प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। देश भर से आए दिग्गजों के बीच स्नेहा की इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे मुंगेली जिले को गौरवान्वित किया है।
धरमपुरा, मुंगेली निवासी श्री सतीश शर्मा एवं श्रीमती प्रेमलता शर्मा की सुपुत्री स्नेहा ने कला के क्षेत्र में विश्वविख्यात खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय से कथक में बी.पी.ए. (B.P.A.) की डिग्री हासिल की है। इससे पूर्व उन्होंने एक वर्ष तक कलाकेंद्र, मुंगेली में अपनी सेवाएं दी हैं और वर्तमान में वे ‘सेवंटी प्लस प्रोग्रेसिव स्कूल’ में कथक प्रशिक्षिका के रूप में नई पीढ़ी को इस शास्त्रीय कला के गुण सिखा रही हैं। उन्होंने बताया कि
कथक, भारतीय शास्त्रीय नृत्य की आठ मुख्य शैलियों में से एक है। ‘कथक’ शब्द का उद्भव ‘कथा’ से हुआ है, जिसका अर्थ है “कथा कहे सो कथक कहलावे”। यह नृत्य शैली अपने सधे हुए पद संचालन (ततकार), तीव्र चक्रों और भावपूर्ण हस्तमुद्राओं के माध्यम से पौराणिक कथाओं को मंच पर जीवंत करने के लिए जानी जाती है। स्नेहा ने इसी प्राचीन कला विधा में अपनी निपुणता का परिचय दिया है।
स्नेहा अपनी कला को व्यापक बनाने के लिए स्कूल के साथ-साथ ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कक्षाओं के माध्यम से भी छात्रों को प्रशिक्षित कर रही हैं। कई प्रतिष्ठित मंचों पर पुरस्कृत हो चुकीं स्नेहा का लक्ष्य भारतीय संस्कृति और कथक की विरासत को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाना है। उनकी इस नवीनतम सफलता पर नगर के गणमान्य नागरिकों और कला प्रेमियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।




