मुंगेली/ छत्तीसगढ़ प्रदेश की संस्कृति और पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद चखने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में मुंगेली के ग्राम करही में गढ़कलेवा खोला गया था, जो वर्तमान में बंद पड़ा हुआ है।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों के प्रति लोगों में लगाव पैदा करने के लिए प्रदेशभर में गढ़ कलेवा की शुरूआत किया गया था, जिसमें छत्तीसगढ़ी पकवान जैसे मीठे में खाजा, बीड़िया, देहरौरी, पपची, खुर्मी आदि और नमकिन में ठेठरी, अदौरी, बरी, रखिया बरी, कोंहड़ा बरी, मुरई बरी, उड़द दाल की बरी, मूंग दाल और साबूदाना के पापड़, मसाले वाली मिर्ची, बिजौरी, लाइ बरी तथा चीला, चौसेला, साबुदाना बड़ा, फरा, ठेठरी, खुरमी सहित अन्य व्यंजन यहां मिलता था। परंतु मुंगेली के गढ़कलेवा में ताला लटका हुआ है।
52 लाख से अधिक की लागत से बना था गढ़कलेवा…
आप सभी को जानकर बहुत हैरानी होगी कि जो गढ़कलेवा छत्तीसगढ़ की संस्कृति तथा व्यंजन की पहचान को दर्शाता था, वो गढ़कलेवा मुंगेली में 52 लाख से अधिक की राशि से निर्मित हैं, जिसमें डीएमएफ फंड की राशि लगाई गई हैं, सबसे बड़ी बात यह हैं कि मुंगेली के बंद हो चुके गढ़कलेवा में 12 लाख रुपये का विद्युतीकरण, गढ़कलेवा में प्रकाश व्यवस्था का कार्य हुआ हैं, जो यह सोचने पर मजबूर कर देता हैं कि इतनी राशि खर्च कर विद्युतीकरण किया गया लेकिन गढ़कलेवा जाने वालों को कभी ऐसा महसूस ही नहीं हुआ।
जानिये गढ़कलेवा में कार्य व लागत क्या – क्या हैं….
1/ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण एवं संवर्धन गढ़कलेवा की स्थापना, लागत – 18.85 लाख, मद – (डीएमएफ – 8.059 लाख), संस्कृति एवं पुरातत्व – (10.791 लाख)
2/ गढ़कलेवा में वातानुकूलन, बैम्बू हॉल, हॉल, किचन, चबूतरा निर्माण तथा बैठक व्यवस्था हेतु आवश्यक संसाधन निर्माण कार्य, लागत – 19.11 लाख, मद – डीएमएफ
3/ गढ़कलेवा में विद्युतीकरण, प्रकाश व्यवस्था कार्य, लागत – 12 लाख, मद – डीएमएफ
4/ गढ़कलेवा परिसर में शौचालय निर्माण कार्य, लागत – 2.73 लाख, मद – डीएमएफ
इस प्रकार गढ़कलेवा में कुछ 4 कार्यो का ही लागत राशि 52.69 लाख हैं। भ्रामक और अधूरे दस्तावेज के कारण और अन्य कार्यो व उसके भुगतान की स्पष्ट जानकारी जनपद पंचायत द्वारा नहीं दी गई हैं, जानकारी छिपाने वैसे जनपद पंचायत के अधिकारियों और कर्मचारियों को महारत हासिल हैं। 52 लाख की लागत से निर्मित गढ़कलेवा आज खंडहर में तब्दील हो गया हैं, शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इसकी कोई सुध नहीं। मुंगेलीवासियों ने कहा कि गढ़कलेवा निर्माण में हुए सभी कार्यो की सूक्ष्मता से जांच और भौतिक सत्यापन होना चाहिए, क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार की बू आ रही हैं। जल्द ही इस मामले बड़ी शिकायत होने की जानकारी मिली हैं।




