नई दिल्ली। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन 44वें दिन भी जारी है। किसानों को मनाने के लिए आज आठवें दौर की वार्ता होगी। सरकार के साथ वार्ता से पहले गुरुवार को हजारों किसानों ने दिल्ली के चारों ओर ट्रैक्टर रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था। कानूनों को रद्द कराने पर अड़े किसान इस मुद्दे पर सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर चुके हैं। इसके लिए किसानों ने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। केन्द्र सरकार इन कानूनों को जहां कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर पेश कर रही है, वहीं प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आशंका जताई है कि नए कानूनों से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और मंडी व्यवस्था खत्म हो जाएगी और वे बड़े कॉरपोरेट पर निर्भर हो जाएंगे। कृषि कानूनों के खिलाफ गाज़ीपुर बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। एक प्रदर्शनकारी ने बताया, आज की बैठक में हम उम्मीद करते है कि आज शायद फैसला आ जाए, लेकिन अगर फैसला नहीं आया तो जब तक सरकार हमारी मांगे नहीं मानेगी तब तक हमारा आंदोलन बढ़ता रहेगा, हम पीछे नहीं हटेंगे।




