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मुंगेली/ जिले में हो रही अनवरत बारिश के दृष्टिगत संभावित प्राकृतिक आपदाओं एवं बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए जिले में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार जिले में जिला, अनुविभाग एवं तहसील स्तर पर बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इन नियंत्रण कक्षों के माध्यम से बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों पर सतत निगरानी रखते हुए त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किया जाएगा। बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से बचाव और राहत व्यवस्था के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक 116 में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष क्रमांक 07755-264440 है। इसके प्रभारी अधिकारी अपर कलेक्टर गिरधारी लाल यादव हैं।
अनुविभाग स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त…
प्रशासन द्वारा जिले के तीनों अनुविभागों में बाढ़ नियंत्रण के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। मुंगेली अनुविभाग में एसडीएम अजय कुमार शतरंज, पथरिया में एसडीएम श्रीमती रेखा चंद्रा तथा लोरमी में एसडीएम अजीत पुजारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने अनुविभाग में बाढ़ एवं आपदा की स्थिति में आवश्यक समन्वय और त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।
छह तहसीलों में भी नियंत्रण व्यवस्था…
तहसील स्तर पर भी बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। मुंगेली तहसील में तहसीलदार कुणाल पाण्डेय, पथरिया में कमल किशोर पाटनवार, लोरमी में चन्द्रकांत राही, जरहागांव में श्रीमती सी.पी. सोनी, लालपुर थाना क्षेत्र में श्रीमती छाया अग्रवाल तथा सरगांव में अतुल वैष्णव को बाढ़ नियंत्रण व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
कलेक्टर ने मानसून के दौरान संभावित बाढ़ एवं प्राकृतिक आपदा की स्थिति में सूचना के त्वरित आदान-प्रदान, राहत-बचाव कार्यों में समन्वय तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक प्रशासनिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। इससे जिले में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने और आम नागरिकों को समय पर राहत उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।




