रायपुर। छत्तीसगढ़ के नया रायपुर में स्थित हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU) ने साल 2026 के लिए छुट्टियों की लिस्ट में अब सवाल खड़े होने लगे है । रजिस्ट्रार कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक **HNLU/894/2025, दिनांक 06-11-2025** में कुल 25 छुट्टियों का उल्लेख है।
एक ओर विश्वविद्यालय ने जनवरी से दिसंबर 2026 तक के लिए ये छुट्टियां घोषित की हैं। जिसमे मकर संक्रांति/पोंगल (14 जनवरी), गणतंत्र दिवस, महाशिवरात्रि, होली, ईद-उल-फितर, रामनवमी, महावीर जयंती, गुड फ्राइडे, अम्बेडकर जयंती, ईद-उल-जुहा (बकरीद), मुहर्रम, स्वतंत्रता दिवस, ईद-ए-मिलाद, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, गांधी जयंती, महानवमी, विजयादशमी, छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस (01 नवंबर – रविवार), दीवाली (08 नवंबर – रविवार), गोवर्धन पूजा, गुरुनानक/गुरु तेगबहादुर जयंती, गुरुघासीदास जयंती और क्रिसमस शामिल है ,लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो यह उठता है कि इसमें छत्तीसगढ़ के तिहार कहां हैं?
इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा घोषित कई महत्वपूर्ण स्थानीय और वैकल्पिक अवकाश शामिल नहीं हैं। जैसे –
हरेली तिहार (12 अगस्त)
तीजा-पोरा
विश्व आदिवासी दिवस (9 अगस्त)
कर्मा जयंती
छेरछेरा पुन्नी
जबकि राज्य के सभी शासकीय कार्यालयों, स्कूल-कॉलेजों और अधिकांश राज्य विश्वविद्यालयों में इन त्योहारों पर सामान्य या ऐच्छिक अवकाश रहता है। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस जरूर लिस्ट में है, लेकिन इस बार 01 नवंबर 2026 को रविवार होने से वह पहले से ही अवकाश है।
राजधानी में है, पर राज्य के कानून नहीं?
HNLU की स्थापना छत्तीसगढ़ सरकार के अधिनियम से हुई है और यह सेक्टर-40, नवा रायपुर में संचालित है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि प्रदेश के आदिवासी बाहुल्य त्योहारों और छत्तीसगढ़ी संस्कृति से जुड़े तिहारों को विश्वविद्यालय की आधिकारिक छुट्टी लिस्ट में जगह क्यों नहीं दी गई?
क्या एक राज्य में स्थापित होकर भी राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय पर राज्य सरकार के अवकाश नियम लागू नहीं होते? क्या यहां पढ़ने वाले छत्तीसगढ़ के विद्यार्थियों और कर्मचारियों को अपने लोक तिहार मनाने का अवसर नहीं मिलेगा?
इस सम्बन्ध में विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार से जब हमारे संवादाता ने बात कि तो उन्होंने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि हमारे चांसलर हाइकोर्ट के जज है और हाईकोर्ट के हिसाब से ही हमारे यहाँ छुट्टी कि लिस्ट बनाई जाती है उन्होंने बताया कि जब हाईकोर्ट कि छुट्टी नहीं है तो हमारी संसथान में भी छुट्टी नहीं दिया गया है।
छत्तीसगढ़ी संस्कृति और स्थानीय त्योहारों को बढ़ावा देने की बात करने वाली सरकार के नवा रायपुर में ही स्थित इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ के तिहारों की अनदेखी चर्चा का विषय बनी हुई है।




