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यमराज को न्योता देते सड़क के गड्ढे…बेबस जनता, बेपरवाह सिस्टम…जान हथेली पर रखकर सफर करने को मजबूर राहगीर और स्कूली बच्चें…

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स्वतंत्र तिवारी – 9752023023

​प्रशासन की अनदेखी से स्कूली बच्चों और आम जनता का जीना मुहाल…हर पल मंडरा रहा दुर्घटना का खतरा…

मुंगेली/ ​शहर की मुख्य सड़कों की हालत इन दिनों बद से बदतर हो चुकी है। सड़कों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे न सिर्फ आवागमन को बाधित कर रहे हैं, बल्कि राहगीरों और स्कूली छात्रों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। बारिश और सही रखरखाव के अभाव में ये गड्ढे अब “हादसों के कुएं” में तब्दील हो चुके हैं, लेकिन जिम्मेदार शासन और प्रशासन इस पूरी स्थिति पर मौन साधे बैठा है। निर्माणाधीन गौरव पथ की भी सड़कें बहुत ही खराब हैं, निर्माण समय सीमा बीत जाने के बाद भी यहां की सड़क का निर्माण नहीं हो सका और जिम्मेदारों में अपने मुंह में ताला जड़ लिया हैं। उसी प्रकार बीआर साव स्कूल के आगे की सड़क, सेंट जेवियर्स स्कूल के सामने से लेकर बिजली विभाग कार्यालय, शक्ति माई मंदिर तक की सड़कें इतनी खराब है कि यहां से गुजरने वाले राहगीर और स्कूली बच्चे अपनी जान जोखिम में डाल यहाँ से गुजरते हैं।

​स्कूली बच्चों पर सबसे बड़ा खतरा…

​सबसे चिंताजनक स्थिति सुबह और दोपहर के वक्त देखने को मिलती है, जब नन्हे-मुन्ने स्कूली बच्चे अपनी भारी साइकिलों और ऑटो-ई-रिक्शा से इन रास्तों से गुजरते हैं। गड्ढों से भरी सड़कों पर कई बार बच्चे अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं, जिससे उन्हें चोटें आ रही हैं। अभिभावक हर पल इस डर में जीने को मजबूर हैं कि कहीं उनका बच्चा किसी बड़े हादसे का शिकार न हो जाए।

​रोजाना लग रहा ट्रैफिक जाम, गाड़ियां हो रहीं खराब…

​केवल पैदल चलने वाले ही नहीं, बल्कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक भी इस खस्ताहाल सड़क से त्रस्त हैं। ​गड्ढों के कारण आए दिन गाड़ियां खराब हो रही हैं और उनके कलपुर्जे टूट रहे हैं। गड्ढों से बचने के चक्कर में वाहन चालक गाड़ियां धीमी कर देते हैं, जिससे घंटों तक लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहता है। रात के समय स्ट्रीट लाइटों की कमी और इन छिपे हुए गड्ढों की वजह से बाइक सवार रोज दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।

​शासन-प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल…

​स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस समस्या को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को शिकायत दर्ज करा चुके हैं। इसके बावजूद, अब तक केवल झूठे आश्वासन ही मिले हैं। ज़मीनी स्तर पर कोई सुधार कार्य शुरू नहीं किया गया है। ​जनता अब सवाल पूछ रही है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है ? आखिर सोए हुए विभाग की नींद कब खुलेगी और इन गड्ढों की मरम्मत की जाएगी ? जबकि इन गड्ढों की मरम्मत या निर्माण बरसात पूर्व ही हो जाना था।

​क्षेत्रीय नागरिकों, समाजसेवियों और अभिभावकों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि​प्राथमिकता के आधार पर स्कूली मार्गों और मुख्य सड़कों के गड्ढों को तुरंत भरा जाए।
​खस्ताहाल सड़कों का पैचवर्क या पुननिर्माण जल्द से जल्द शुरू हो और ​लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।