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फर्जी पुलिस वेरिफिकेशन लगाकर नौकरी हासिल करने का मामला, Innovosource कंपनी का जिला समन्वयक फंसा

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रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। शासकीय शराब दुकान में कर्मचारी नियुक्त करने वाली निजी कंपनी Innovosource के जिला समन्वयक परितोष कश्यप पर पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट फर्जी बनाकर जमा करने का गंभीर आरोप लगा है। मामले का खुलासा होने के बाद पंडरी थाने में शिकायत दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, Innovosource कंपनी में रायपुर जिला समन्वयक के पद पर कार्यरत परितोष कश्यप ने नौकरी के समय पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट जमा किया था। लेकिन जब हमारे संवाददाता को इसकी शिकायत मिली तो इस संबंध में जांच की गई तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।

थाना प्रभारी ने किया फर्जीवाड़े का खुलासा
पंडरी थाना प्रभारी शिवनारायण सिंह ने हमारे संवाददाता को बताया कि परितोष कश्यप द्वारा जमा किया गया पुलिस वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट पंडरी थाने से जारी ही नहीं किया गया है। दस्तावेज पर पंडरी थाने की मुहर और हस्ताक्षर फर्जी हैं।

खमारडीह कनेक्शन: आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने की आशंका
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी परितोष कश्यप का मूल निवास खमारडीह थाना क्षेत्र में है। सूत्रों के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि खमारडीह थाने में परितोष कश्यप का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड हो सकता है। इसी रिकॉर्ड को छिपाने के लिए उसने पंडरी थाने के नाम से फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर कंपनी में जमा किया।
इस खुलासे के बाद शिकायतकर्ता द्वारा पंडरी थाने में परितोष कश्यप के खिलाफ लिखित शिकायत देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कह रहे है।
Innovosource कंपनी प्रबंधन ने अभी तक इस पर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। माना जा रहा है कि कंपनी आंतरिक जांच के बाद आरोपी कर्मचारी पर कार्रवाई कर सकती है।
सूत्रों के अनुसार, सरकारी दस्तावेजों से छेड़छाड़ और फर्जीवाड़ा भारतीय न्याय संहिता BNS 2023 के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
पारितोष पर लग सकती है ये धाराएं
BNS धारा 336: जालसाजी – 2 साल तक की सजा या जुर्माना या दोनों।
BNS धारा 318: धोखाधड़ी – 3 साल तक की सजा और जुर्माना।
BNS धारा 338: सरकारी दस्तावेज की जालसाजी – 7 साल तक की सजा और जुर्माना।
यदि जांच में आपराधिक रिकॉर्ड छिपाने की बात साबित होती है, तो सजा और बढ़ सकती है।