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रसूखदारों के अवैध निर्माण पर मेहरबानी…प्रशासन पर लगा भेदभाव का आरोप…कलेक्टर से शिकायत…शासन को भारी राजस्व क्षति…

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स्वतंत्र तिवारी – 9752023023

अवैध निर्माण करने वालों के न्यायालय में लंबित आपराधिक रिकार्ड का ब्यौरा जल्द ही आगामी अंक में…

​मुंगेली/ नगर पालिका मुंगेली क्षेत्र में इन दिनों धड़ल्ले से हो रहे अवैध निर्माण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। शहर के जागरूक नागरिकों और पार्षदों ने अब इस मामले की लिखित शिकायत सीधे जिला कलेक्टर से की है।
शिकायत में बताया गया कि नगर पालिका मुंगेली क्षेत्र अंतर्गत विभिन्न वार्डों में अवैध निर्माण कार्य धड़ल्ले से चल रहा है, निर्माण कार्य कराने के पूर्व नगर पालिका से किसी प्रकार की अनुमति या अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं लिया जा रहा है। शिकायत में बताया गया कि एस.एल.एस. एकेडमिक स्कूल पंडरिया रोड मुंगेली, लोरमी रोड चौराहा क्रिश्यन कब्रिस्तान के सामने शासकीय आबादी भूमि में अवैध निर्माण चल रहा है, जिससे शासन को भारी राजस्व क्षति हो रही है। ऐसे ही नगर पालिका क्षेत्र में सैकड़ों निर्माण कार्य चल रहा है जिसकी जांच और कार्यवाही की मांग की गई हैं।

​रसूखदारों पर मेहरबानी, आम जनता पर बुलडोजर ?

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन और राजस्व अमला निर्माण कार्यों की अनुमति और नियमों को लेकर ‘दोहरा रवैया’ अपना रहा है। एक तरफ जहां आम जनता अगर बिना अनुमति या मामूली रूप से भी नियम विरुद्ध निर्माण करती है, तो तत्काल पालिका का अमला नोटिस थमा देता है या तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू कर देती है। ​वहीं दूसरी ओर शहर के कुछ रसूखदार और रसूख रखने वाले लोग मुख्य मार्गों और व्यावसायिक क्षेत्रों में बिना किसी वैध अनुमति के धड़ल्ले से बहुमंजिला इमारतों और दुकानों का निर्माण करा रहे हैं। प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी इन पर मेहरबानी बरसा रहा है और मौन साधे बैठा है। अपोलो फार्मेसी में हुए अवैध निर्माण पर भी जिला प्रशासन चुप्पी साधे हुए हैं।

​प्रशासनिक मिलीभगत का आरोप…

स्थानीय नागरिकों और कई नेताओं का कहना है कि शहर के मुख्य चौराहों और घनी आबादी वाले इलाकों में हो रहे इन अवैध निर्माणों के कारण यातायात बाधित हो रहा है और आने वाले समय में बड़ी दुर्घटनाओं की आशंका बनी हुई है। बार-बार नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक और लिखित रूप से अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे अधिकारियों की संलिप्तता और प्रशासनिक भेदभाव साफ नजर आता है।

​कलेक्टर से न्याय की उम्मीद…

​मामले की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों ने कलेक्टर से मांग की है कि ​नगर पालिका क्षेत्र में चल रहे सभी बड़े निर्माण कार्यों की वैधता और दस्तावेजों की जांच कराई जाए और​ बिना अनुमति और नक्शा पास कराए किए जा रहे अवैध निर्माणों को तत्काल सील कर ध्वस्त किया जाए। ​नियमों की अनदेखी करने वाले दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच बैठाई जाए।
​ अब देखना यह होगा कि प्रशासन इन रसूखदारों पर शिकंजा कस पाता है या फिर यह रसूख की जंग में ठंडे बस्ते में चला जाता है।