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मुंगेली/ जिला मुख्यालय सहित आस-पास के मुख्य मार्गों पर इन दिनों नियम-कायदों को ताक पर रखकर अवैध बैनर, पोस्टर और स्वागत द्वारों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। राजनीतिक दलों के नेताओं के स्वागत और प्रचार-प्रसार के चक्कर में शहर की सूरत तो बिगड़ ही रही हैं, साथ ही ये चमकीले और विशालकाय बैनर अब राहगीरों के लिए ‘काल’ साबित हो रहे हैं। सड़कों के मोड़ और चौराहों पर बिना अनुमति लगाए गए इन बैनरों के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी गहरी नींद में सोए हैं।
नियमों की धज्जियां उड़ाकर सड़कों पर कब्जा…
नियमों के मुताबिक शहर के मुख्य मार्गों या चौक-चौराहों पर किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार या स्वागत द्वार या बैनर लगाने के लिए नगर पालिका और स्थानीय प्रशासन से बकायदा अनुमति लेनी होती हैं लेकिन मुंगेली में रसूखदार नेताओं और राजनीतिक दलों को मानो किसी अनुमति की जरूरत ही नहीं है।
हालत यह है कि शहर के मुख्य मार्गों, डिवाइडरों और बिजली के खंभों पर बिना किसी गाइडलाइन के अंधाधुंध बैनर टांग दिए गए हैं। कई जगहों पर तो लोहे और बांस-बल्ली के सहारे बीच सड़क तक स्वागत द्वार तान दिए जाते हैं, जो कभी भी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
ब्लाइंड स्पॉट बन रहे हैं ये पोस्टर, राहगीर परेशान…
वाहन चालकों का कहना है कि मोड़ और चौराहों पर लगे बड़े-बड़े बैनरों के कारण सामने या दूसरी तरफ से आ रहे वाहन दिखाई नहीं देते। यह स्थिति रात के समय और भी खतरनाक हो जाती है, जब तेज हवाओं के कारण ये बैनर फटने लगते हैं और चालकों की आंखों के सामने आ जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना हैं कि “नेताओं को सिर्फ अपनी चमचागिरी और प्रचार से मतलब है। सड़कों पर चल रहे आम आदमी की जान की इन्हें कोई परवाह नहीं है। अंधाधुंध लगे इन पोस्टरों के कारण गाड़ियां मोड़ते समय सामने का कुछ दिखता ही नहीं और आंधी तूफान में ये बेनर फट के सड़कों में लटकते रहते हैं, जो दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं।
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नगर पालिका को राजस्व का चूना, कार्रवाई के नाम पर शून्य…
एक तरफ जहां आम जनता इन नियम विरुद्ध व गाइडलाइंस के विपरीत लगे बैनरों, स्वागत द्वार व होर्डिंग्स से त्रस्त है, वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका को भी राजस्व का चूना लग रहा है। बिना अनुमति और बिना शुल्क चुकाए धड़ल्ले से लग रहे इन विज्ञापनों पर नगर पालिका प्रशासन कार्रवाई करने से कतरा रहा है। राजनैतिक दबाव के आगे लाचार अधिकारी केवल मूकदर्शक बने तमाशा देख रहे हैं।
बड़ा सवाल – क्या हादसे के बाद जागेगा प्रशासन ?
सड़क सुरक्षा को ताक पर रखकर लगाए गए ये नियम विरुद्ध बैनर व विज्ञापन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। जनता अब सीधे तौर पर प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि क्या किसी की जान जाने के बाद ही क्या नियम विरुद्ध लगे बैनरों को हटाने की जहमत उठाई जाएगी ?
भाजपा द्वारा बनाये गए स्वागत द्वार में लटक रहा बेनर राहगीरों के लिए खतरा…
मुंगेली में भाजपा संगठन द्वारा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने और पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती देने के उद्देश्य से ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण शिविर’ का आयोजन किया गया था, यह आयोजन गौरव पथ में स्थित एक बड़े होटल में किया जा रहा। होटल के बाहर ही गौरव पथ में बड़ा स्वागत द्वार बनाया गया था और उसमे बेनर लगाया गया था शाम को हवा चलते ही बेनर नीचे सड़क के पास आ गया जिससे राहगीरों को बहुत तकलीफ हुई, और ऐसी स्थिति में दुर्घटनाओं की संभावना बनी रहती हैं।





