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मुंगेली/ मुंगेली जिले में मंगलवार को आए भीषण आंधी-तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई है। कुदरत के इस कहर से न केवल जनजीवन पूरी तरह पटरी से उतर गया, बल्कि बिजली विभाग की कार्यप्रणाली ने भी लोगों के सब्र का बांध तोड़ दिया। शहर के कई हिस्सों में करीब 6 घंटे से अधिक समय तक ब्लैकआउट रहा, जिससे आम नागरिक उमस और अंधेरे में रहने को मजबूर हो गए।
कुदरत का कहर और बिजली संकट…
तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने की खबरें सामने आई हैं। शाम ढलते ही पूरा शहर अंधेरे की आगोश में समा गए। उम्मीद थी कि विभाग जल्द सक्रिय होगा, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं की जा सकी। कई क्षेत्रों में 6-7 घंटे बाद बिजली आने की जानकारी मिली हैं। भीषण गर्मी और उमस के बीच बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
अफसरों ने फेरा मुंह, नहीं उठाया फोन…
इस संकट की स्थिति में जब आक्रोशित नागरिकों ने बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को फोन लगाया, तो उन्हें और भी निराशा हाथ लगी। आरोप है कि अधिकारियों ने फोन उठाना भी मुनासिब नहीं समझा। बिजली दफ्तरों में बार-बार संपर्क करने के बावजूद कोई ठोस जवाब नहीं मिला, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
जनता में भारी आक्रोश
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि आपदा के समय विभाग की यह लापरवाही निंदनीय है। लोगों ने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा:
”एक तरफ मौसम की मार है और दूसरी तरफ प्रशासन की संवेदनहीनता। अगर अधिकारी फोन नहीं उठाएंगे, तो जनता अपनी फरियाद लेकर कहां जाएगी?”




