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जिस एसएनजी कॉलेज में डिप्टी सीएम अरुण साव ने ली शिक्षा…वहीं DMF मद के निर्माण कार्यो में भारी भ्रष्टाचार… कलेक्टर से शिकायत के डेढ़ साल बाद भी कार्यवाही नहीं…जांच फाइलों में दफन…पहले 30 लाख खर्च…अब 50 लाख का टेंडर…

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स्वतंत्र तिवारी – 9752023023

मुंगेली/ यह एक गंभीर विषय है जहाँ शिक्षा के मंदिर में विकास कार्यों के नाम पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने जिस एसएनजी कॉलेज से शिक्षा ग्रहण कर राजनीति के शिखर तक का सफर तय किया, आज वही संस्थान भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में है। एसएनजी कॉलेज में जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) मद से कराए गए निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार की शिकायत सामने आई है, लेकिन विडंबना यह है कि कलेक्टर से शिकायत के डेढ़ साल बाद भी अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई हैं। जबकि कलेक्टर द्वारा 3 बार लोक निर्माण विभाग मुंगेली को जांच हेतु पत्र भेज चुका हैं, लेकिन उपमुख्यमंत्री अरुण साव के लोक निर्माण विभाग के अफसर ही कुम्भकर्णी निंद्रा में सोए हुए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के रायपुर रोड स्थित एसएनजी कालेज में मुंगेली जिला खनिज संस्थान न्यास के मद से ग्राम पंचायत लिलवाकापा द्वारा लभगभ 14 लाख 90 हजार का जीर्णोद्धार कार्य और लगभग 13 लाख की लागत से चेनलिंग फेंसिंग एवं गार्डन निर्माण कराया गया था, कार्य पूर्ण होते ही संबंधित और जिम्मेदार अधिकारियों ने उपयोगिता/कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र और गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी भी कर दिया, जिसमें अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, उपयंत्री जनपद पंचायत सहित सरपंच, सचिव लिलवाकापा के हस्ताक्षर हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार इस कॉलेज परिसर में ही लगभग 5 लाख से अधिक की राशि का ओपन जिम का निर्माण भी किया गया हैं।
डीएमएफ फंड से एसएनजी कॉलेज में कराये गए इस जीर्णोद्धार कार्य में जमकर अनियमितता बरती गई हैं, बताया जाता हैं कि एसएनजी कालेज के सामने परिसर ग्राउंड में कार्य हुआ है उसमें जमकर भ्रष्टाचार किया गया हैं क्योंकि जीर्णोद्धार कार्य के कुछ महीनों में ही बैठने के लिए बनाए गए चबूतरे की टाइल्स उखड़ने लग गई थी, चेकर ब्लॉक्स टाइल्स भी निकल गए और जीर्णोद्धार के अंतर्गत बनाये गए सभी चबूतरे भयंकर जर्जर हो गए हैं, जो आज भी जर्जर स्थिति में हैं ऐसे में प्रश्न यह उठता हैं कि जिम्मेदार अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान इन कमियों को क्यों नहीं देखा ? उपयोगिता/ कार्यपूर्णता और गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी कैसे कर दिया ? फिलहाल इस एसएनजी कॉलेज में पढ़े छात्रों का कहना हैं कि इस मामले में भ्रष्टाचार करने वाले दोषियों पर कार्यवाही की जानी चाहिए, तथा उनसे ही रिकवरी कर उसी राशि से पुनः गुणवत्तापूर्ण कार्य किया जाना चाहिए।

कलेक्टर से शिकायत के 18 माह बाद भी कार्यवाही नहीं…

इस पूरे मामले में मुंगेली निवासी अधिवक्ता स्वतंत्र तिवारी द्वारा दिनांक 17/09/2024 को मुंगेली कलेक्टर से शिकायत कर एसएनजी कालेज में डीएमएफ के तहत हुए निर्माण और जीर्णोद्धार कार्यो में हुए भ्रष्टाचार की जांच और कार्यवाही करने की मांग किया गया था, एसएनजी कालेज में डीएमएफ से हुये समस्त कार्यों की गुणवक्ता की सूक्ष्मता से जांच करने तथा कालेज परिसर में चबूतरा, टाईल्स ब्लाक निर्माण में जो अनियमिततायें, भ्रष्टाचार बरती गई हैं उसमें संबंधित दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करने तथा उनसे राशि वसूली कर उसी राशि से पुनः गुणवक्तापूर्ण निर्माण, मरम्मत व जीर्णोद्धार कार्य कराये जाने की मांग की गई थी जो आज 18 माह बाद भी लंबित हैं। कलेक्टर से शिकायत को करीब 18 माह से ज्यादा हो गए पर अभी तक इस मामले में कोई कड़ी कार्यवाही नहीं की गई, केवल जांच के नाम पर पत्र व्यवहार किया गया।

कलेक्टर ने 3 बार PWD को भेजा पत्र…PWD के अधिकारी हुये लापरवाह…या जांच ही नहीं करना चाहते…? या दबाव ?

स्वतंत्र तिवारी के शिकायत के बाद दिनांक 26/09/2024 को संयुक्त कलेक्टर मुंगेली द्वारा कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग मुंगेली को ज्ञापन भेज एसएनजी कॉलेज में डीएमएफ मद की राशि के तहत हुए जीर्णोद्धार कार्य में हुए भारी भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्यवाही करने के संबंध में शिकायत पर नियमानुसार जांच कर कार्यवाही करते हुए की गई कार्यवाही का अभिमत सहित प्रतिवेदन मांगा गया था। उसके बाद अपर कलेक्टर मुंगेली द्वारा दिनांक 02/01/2025 को कार्यपालन अभियंता पीडब्ल्यूडी मुंगेली को उक्त मामले में किये गए जांच व कार्यवाही का अभिमत सहित प्रतिवेदन दिनांक 03/01/2025 सुबह 11 बजे मनियारी सभाकक्ष में प्रस्तुत करने कहा गया। उसके बाद दिनांक 22/07/2025 को अपर कलेक्टर मुंगेली द्वारा पुनः ईई पीडब्ल्यूडी मुंगेली को स्मरण पत्र भेज शिकायत के संबंध में नियमानुसार जांच कर अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने कहा गया।
कलेक्टर कार्यालय द्वारा पीडब्ल्यूडी मुंगेली को भेजे गए तीन पत्रों-समरण पत्रों से यह तो स्पष्ट हैं कि लोक निर्माण विभाग मुंगेली के अधिकारी कितने लापरवाह और निष्क्रिय हैं ? या ये भ्रष्टाचार को दबाना चाह रहे हैं ? या इन्हें कलेक्टर का डर नहीं ? या इन्हें किसी नेता या उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है ? अब देखना हैं कि मामले में आगे वर्तमान कलेक्टर द्वारा क्या कार्यवाही की जाती हैं ?

पहले 30 लाख खर्च, अब 50 लाख का टेंडर…

एसएनजी महाविद्यालय में डीएमएफ मद से पहले के कार्यों में जमकर भ्रष्टाचार की गई, जिसकी शिकायत के बाद जांच भी नहीं की गई, जिससे भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाली बात साबित होती दिख रही हैं वही अब दूसरी ओर डिप्टी सीएम के घोषणा के बाद कालेज में 50 लाख के जीर्णोद्धार कार्य में कितनी ईमानदारी बरती जायेगी यह कहना मुश्किल हैं। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने एसएनजी कालेज के मरम्मत और रंगरोगन के लिए 50 लाख की राशि देने की घोषणा की गई थी। अरुण साव स्वयं इस कॉलेज के छात्र रह चुके हैं।

शहर की जनता व छात्रों में भाजपा और कांग्रेस नेताओं के लिए भी आक्रोश हैं कि अधिकारियों की मनमानी और भ्रष्टाचार पर वे चुप क्यों हैं ?