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नोटिस के बाद भी अवैध निर्माण जारी…अपोलो फार्मेसी पर बुलडोजर चलने के बाद पुनः हो रहा अवैध निर्माण…नजूल अधिकारी ने कहा – अब कार्यवाही मजिस्ट्रेट, SDM के हाथों में…

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मुंगेली/ मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र में अवैध निर्माण का मुद्दा गर्माता जा रहा है। नगर पालिका द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बावजूद अवैध निर्माण कार्यों पर रोक नहीं लग पा रही है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं ? सांठगांठ, राजनीतिक संरक्षण या प्रशासनिक शिथिलता के कारण अवैध निर्माण करने वालों के हौसले बुलंद हैं।

आपको बता दें कि मुंगेली शहर के पुराना बस स्टैंड स्थित अपोलो फार्मेसी बिल्डिंग पर जिला प्रशासन ने करीब 2 माह पूर्व कड़ा प्रहार करते हुए अवैध निर्माण, अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया था, जिला प्रशासन, नगर पालिका और नजूल विभाग की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण को ढहा दिया था, इस कार्यवाही के लगभग 2 माह बाद अपोलो फार्मेसी बिल्डिंग के स्वामी द्वारा पुनः अतिक्रमण कर अवैध निर्माण कराया जा रहा हैं। जिसके बाद नगर पालिका द्वारा दिनांक 17/03/2026 को अवैध निर्माण करने पर श्रीमती रुचि जैन पति गौतम जैन निवासी सरदार पटेल वार्ड मुंगेली को नोटिस जारी करते हुए कहा कि “आपके द्वारा सरदार पटेल, वार्ड क्रमांक 02, नगर पालिका मुंगेली में पुराना बस स्टैंड स्थित आपके स्वामित्व की भूमि में भवन निर्माण हेतु भवन अनुज्ञा ली गई थी किंतु आपके द्वारा स्वीकृत अनुज्ञा से अधिक में निर्माण किया गया था। उक्त अवैध निर्माण के संबंध में इस कार्यालय द्वारा संदर्भित पत्रों के द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी किया गया था जिसके विरूद्ध आपके द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में याचिका प्रस्तुत की गई थी।
माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा याचिका को निरस्त/खारिज कर दिया गया था जिसके उपरांत राजस्व एवं नगर पालिका परिषद मुंगेली द्वारा अवैध निर्माण को तोड़ने/हटाने की कार्यवाही की गई थी। किन्तु वर्तमान में आपके द्वारा पुनः उसी स्थान पर अवैध रूप से निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया है, जो कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश एवं नगर पालिका अधिनियम के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
अतः आपको अंतिम रूप से निर्देशित किया जाता है कि इस नोटिस प्राप्ति के 02 दिवस के भीतर अपना जवाब प्रस्तुत करे कि किन नियमो एवं अनुमति के तहत पुनः अवैध निर्माण किया जा रहा है, अन्यथा निर्धारित अवधि के पश्चात अवैध निर्माण को हटाने/तोड़ने की कार्यवाही की जावेगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी आपकी स्वयं की होगी, साथ ही आपके विरूद्ध वैधानिक/दण्डात्मक कार्यवाही भी की जावेगी।”
इस नोटिस में अवैध निर्माण करने वाले को 2 दिन की समय सीमा दी गई थी, जो पूरी भी हो गई है। अब देखना हैं कि जिला प्रशासन इस अवैध निर्माण मामले में बुलडोजर कब चलाती हैं। इस मामले नगर पालिका के सीएमओ ने एसडीएम से पत्र व्यवहार कर अवैध निर्माण को जल्द तोड़ने की बात कही हैं

फिलहाल ये सोचने की बात हैं कि प्रशासनिक अमले द्वारा की गई इस बड़ी कार्यवाही के बाद भी बिल्डिंग मालिक कि इतनी हिम्मत कैसे हो गई कि वह प्रशासन को चुनौती देते हुए पुनः वहीं अवैध निर्माण करें, क्या उसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा हैं ?

इस संबंध में नजूल अधिकारी रेखा चन्द्रा ने बताया कि अवैध निर्माण हटाने के बाद दुबारा अवैध निर्माण किया जा रहा हैं तो यह सिविल जेल का मामला हैं, जिसे केवल मजिस्ट्रेट ही देखते हैं, शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाया जा रहा हैं, हमने जितना तोड़ने का अनुमति दिया था, तोड़ा गया, यदि दुबारा निर्माण किया जा रहा तो इसमें सिविल जेल का प्रावधान रहता हैं, इसमें मजिस्ट्रेट यानी संबंधित एसडीएम द्वारा कार्यवाही की जायेगी।