Home छत्तीसगढ़ राजनीतिक शिकार हुई भगवान परशुराम की प्रतिमा…विरोध, विवाद, चापलूसी में उलझा अनावरण...

राजनीतिक शिकार हुई भगवान परशुराम की प्रतिमा…विरोध, विवाद, चापलूसी में उलझा अनावरण कार्यक्रम…श्रेय लेने मची होड़…ब्राम्हण समाज आक्रोशित…

391
0

मुंगेली/ भगवान परशुराम जी विष्णु के छठे अवतार थे, और उन्हें उग्र, शक्तिशाली और धरती से बुराई का नाश करने वाला माना जाता हैं। अक्षय तृतीया को परशुरामजी का जन्मोत्सव मनाया जाता हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर पालिका द्वारा मुंगेली के पुराना बस स्टैंड सिटी कोतवाली के सामने भगवान परशुरामजी की प्रतिमा स्थापित की गई हैं, लेकिन पिछले करीब 6 महीनों से परशुरामजी की प्रतिमा कपड़े, पॉलीथिन में लिपटी ही खड़ी हैं। अक्षय तृतीया पर भगवान परशुरामजी के जन्मोत्सव में ब्राम्हण समाज के अधिकांश महिला-पुरुषों द्वारा भगवान परशुरामजी के स्थापित नई प्रतिमा से कपड़ा हटाकर पूजा करने की तैयारी की गई थी, परंतु कुछ राजनीतिक बधाओं की वजह से भगवान परशुरामजी की प्रतिमा भी राजनीति की भेंट चढ़ गई। कुछ राजनीतिक महत्वकांक्षी और पद-लालची किस्म के कई लोग अपने अपने राजनीतिक मालिकों से मूर्ति अनावरण करवाने दिन रात मेहनत कर रहे हैं, ताकि उनके भी राजनीतिक रोटियां की सिकाई हो सकें, भले अब नगर पालिका या संबंधित लोगों द्वारा परशुरामजी की प्रतिमा के अनावरण को लेकर कई तरह के बहाने बनाये जा सकते हैं ?

विक्षिप्त महिला सुबह-शाम करती हैं परशुरामजी की सेवा…

मुंगेलीवासियों का कहना हैं कि कपड़े, पॉलीथिन में लिपटे भगवान परशुरामजी की प्रतिमा के आसपास रोज एक महिला द्वारा सुबह-शाम झाड़ू, पोछा लगा सफाई की जाती हैं, आसपास के लोगों ने बताया कि वो महिला सिटी कोतवाली के आसपास ही रहती हैं, मानसिक विक्षिप्त हैं। यह सोचने वाली बात हैं कि कोई मानसिक विक्षिप्त महिला यदि परशुरामजी की प्रतिमा के आसपास की रोज सफाई करती हैं तो मानसिक रूप से स्वस्थ जिम्मेदार ठेकेदारों द्वारा भगवान परशुरामजी की प्रतिमा को कई महीनों से कपड़े व पॉलीथिन में लिपटकर क्यों रखा गया ? क्यों परशुरामजी की प्रतिमा का अनावरण नहीं किया जा रहा ? क्या कोई मंत्री, विधायक ही अनावरण करेंगे ? या इसमें को राजनीतिक रोटी सेंकने के फिराक में हैं ? जबकि ब्राम्हण समाज के लोगों का कहना हैं कि अक्षय तृतीया को परशुरामजी जी प्रतिमा का अनावरण और पूजा अर्चना किया जाना चाहिए था। बहरहाल अब देखना यह हैं कि परशुरामजी की प्रतिमा का अनावरण कब होता हैं ? जानकारी के अनुसार यहाँ का नामकरण भी भगवान परशुराम चौक के रूप में किया गया हैं।

नगर पालिका का अजीबोगरीब तर्क…

मुंगेली शहर के चौक चैराहों में महापुरुषों की प्रतिमाएं स्थापित की जानी हैं, नगर पालिका से जुड़े लोगों का कहना हैं कि शहर के सारे प्रतिमाओं का एक साथ अनावरण होगा, इस बात से मुंगेलीवासियों में बहुत आक्रोश हैं, आपको बता दे कि सिंधी समाज द्वारा अपनी स्वयं की लागत से सिंधी कालोनी चौक में शहीद हेमू कालाणी जी की मूर्ति स्थापना हेतु बेस स्ट्रचर का निर्माण किया और शहीद हेमू कालाणी जी की मूर्ति स्थापना नगर पालिका द्वारा किया गया, जिसका लगभग 2 वर्ष पूर्व अनावरण हो चुका हैं, जिससे सिंधी समाज गौरवान्वित हैं, उसी प्रकार ब्राम्हण समाज के लोगों का कहना हैं कि जब परशुरामजी की प्रतिमा स्थापित हुए कई महीने हो गए तो अभी तक इनका अनावरण हो जाना चाहिए था।