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हरियाली और पेड़-पौधों की दुश्मन नगर पालिका…बिलों में दुबके पर्यावरण संरक्षण के ठेकेदार…? सैकड़ों की संख्या में हरे भरे पेड़ों को काट सूखने फेंक दिया…जनप्रतिनिधियों और पर्यावरण प्रेमियों के मुँह में ठेकेदार का तमाचा…

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कमीशनखोरी के चक्कर में बोलती बंद…?

मुंगेली/ करोड़ों की लागत से बन रहे गौरव पथ निर्माण में ठेकेदार द्वारा मनमानी, भ्रष्टाचार के साथ साथ लापरवाहीपूर्वक निर्माण किया जा रहा हैं, निर्माण में गुणवत्ता और सुरक्षा मापदंडों की अनदेखी जिला प्रशासन के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहा हैं।
हाल ही में मुंगेली के मुख्य मार्ग पड़ाव चौक से खड़खड़ियाँ नाला के पास तक करीब 4 करोड़ 94 लाख की लागत से गौरव पथ उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण का कार्य अधोसंरचना मद वर्ष 2024-25 से किया जा रहा हैं जिसमें नवीन डिवाइडर कार्य, पाथवे निर्माण कार्य, बी टी रोड नवीनीकरण कार्य, स्टार्म वॉटर निर्माण कार्य, पुताई कार्य, डिजाइनर एलिमेंट, लैंडस्केपिंग कार्य, रोटरी निर्माण कार्य, विद्युतीकरण तथा नलसाजी कार्य शामिल हैं।
हाल ही में अभी इस गौरव पथ में डिवाइडर निर्माण का कार्य चल रहा हैं जिसमें भ्रष्टाचार और लापरवाही बरती जा रही हैं, लगभग सभी जगह नुकीली छड़े खुली हुई हैं जिससे राहगीरों को जान का खतरा बना हुआ हैं, ठेकेदार को सुरक्षा उपाय करने नगर पालिका से नोटिस जारी भी किया गया, समाचार भी प्रकाशित हुआ, किन्तु ठेकेदार की मनमानी और लापरवाही से ऐसा लग रहा जैसा उसे किसी राजनीतिक व प्रशासनिक आकाओं का संरक्षण प्राप्त हो ?

बिलों में दुबक कर बैठे पर्यावरण संरक्षण के ठेकेदार…? पेड़ शिफ्टिंग कितना सफल…? या एक बहाना… रातोंरात पेड़ काट फेंका गया…

मुंगेली में पर्यावरण संरक्षण और पौधारोपण को लेकर आये दिन सामाजिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों, नेताओं और अधिकारियों द्वारा जागरूक करने के नाम पर कई कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं परंतु यह कार्यक्रम महज एक फोटोग्राफी और अखबारों में सुर्खियां बटोरने का जरिया बन जाता हैं। पर्यावरण संरक्षण के ठेकेदारों को यह समझना चाहिए कि पेड़ पौधा लगाना ही नहीं बल्कि हरेभरे पेड़ों को काटने से बचाना, उन्हें संरक्षित करना भी उनकी जवाबदारी हैं। इस मामले में मुंगेलीवासियों का कहना हैं कि गौरव पथ में डिवाइडर में लगे सैकड़ों बड़े-बड़े हरेभरे पेड़ों को ठेकेदार द्वारा रातोंरात काट दिया गया, पर यहां के सामाजिक संस्था, नेताओं, जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों ने कुछ नहीं कहा, उल्टा नगर पालिका द्वारा बहाना बनाते हुए जवाब दिया गया कि डिवाइडर के पेड़ों को जेसीबी मशीन से जड़ से निकालकर अन्यत्र जगह लगाया जा रहा, परंतु ऐसा नहीं हैं, तस्वीरें कुछ और बयाँ कर रही हैं। मुंगेलीवासियों ने आगे कहा कि गिने चुने पेड़ों को नगर पालिका द्वारा एक दो निर्धारित स्थान में दिखावे के लिए लगाने कोशिश किया गया, जो कितना सफल होगा, आगे देखने वाली बात हैं, क्योंकि नगर पालिका व ठेकेदार द्वारा डिवाइडर में लगे पौधों की संख्या, प्रजातियों के नाम, जेसीबी मशीन से जड़ से उखाड़ते समय का वीडियो, पंचनामा या जहां यह पेड़ लगाया गया वहाँ का पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं। मुंगेलीवासियों में पेड़ काटने को लेकर नगर पालिका, प्रकृति प्रेमियों, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को लेकर काफी आक्रोश हैं। मुंगेली के जागरूक नागरिको से मिली जानकारी के अनुसार गौरव पथ में लगे हरेभरे पेड़ों को रात में बेतरतीब तरीके से काटा गया तथा उन पेड़ों को रेंहुटा पास मवेशी बाजार के पास फेंक दिया गया, वे पेड़ मरने की स्थिति में हैं, इससे स्पष्ट हैं कि नगर पालिका को केवल मौखिक बहाना बनाना आता हैं। मुंगेलीवासियों ने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण के ठेकेदार बिलों में दुबक कर बैठे हैं। 

कमीशन के चक्कर में चुप्पी…

मुंगेलीवासियों का कहना हैं कि मुंगेली गौरव पथ डिवाइडर में लगे हरेभरे पेड़ों को बेदर्दी से काटा गया, पर किसी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नेताओं को यह नजर नहीं आया और नजर आया भी होगा तो वे भी कमीशनखोरी के चक्कर में मौन धारण किये हुए हैं ? मुंगेलीवासियों का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा गौरव पथ डिवाइडर निर्माण को लेकर वहाँ लगे सैकड़ों हरे भरे विशाल पेड़ों को काट दिया गया, शायद उन्हें नहीं पता एक पौधे को पेड़ बनने कितना वर्ष लगता हैं, जिन पेड़ों को काटा गया हैं उससे राहगीरों व वहां के रहवासियों को गर्मी में छांव व बारिश में सुविधा मिलती थी। मुंगेलीवासियों का कहना हैं कि सरकार द्वारा हर वर्ष लाखों रूपए खर्च पर्यावरण संरक्षण के लिए पेड़ लगाओं पर्यावरण बचाओ का संदेश दिया जाता है लेकिन सड़क निर्माण के लिए ठेकेदार द्वारा डिवाइडर में लगे सैकड़ों पेड़ों को काट तो दिया गया, और शिफ्टिंग का बहाना कर दिया गया । 

 

 

पेड़ कटने से पहले की हरियाली…