मुंगेली/ भ्रष्टाचार, अनियमितता, निष्क्रियता और लापरवाही के मामले में मुंगेली नगर पालिका अव्वल हैं, भ्रष्टाचार, अनियमितताओं की लिस्ट तो लंबी हैं, फिलहाल लापरवाही और निष्क्रियता के कुछ मामले नगर में दिखाई दे रहे हैं जिसके चलते नागरिकों और राहगीरों की जान खतरे में हैं।
मुंगेली के प्रमुख चौक पड़ाव चौक से पंडरिया रोड स्थित अस्थायी बस स्टैंड तक बने डिवाइडर में जो लोहे के जालीदार ग्रिल लगे हुए हैं जो बहुत जगहों से टूट चुके हैं जिनके टूटे नुकीले एंगल बहुत सारे जगहों में निकले हुए हैं, लोहे के ग्रिल भी सड़कों में गिरते हुए जर्जर हालत में हैं, जिससे यह नागरिकों, स्कूली बच्चों और राहगीरों के लिए खतरा बना हुआ हैं, जिस प्रकार से सड़क से लगे डिवाइडर में लोहे के टूटे नुकीले एंगल निकले हुए हैं इससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं, इससे नागरिकों में भयंकर नाराजगी हैं।
डिवाइडरों में लगे खंबे की खुली तारें से बढ़ा खतरा…पहले डिवाइडर में करंट से हो चुकी हैं महिला की मौत…
करीब 8 वर्ष पूर्व मुंगेली के दाऊपारा चौक के डिवाइडर में अचानक आए करंट से वहां खड़ी महिला की दर्दनाक मौत हो चुकी हैं, जिसके बाद लोगों ने नगर पालिका और बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम कर दिया गया था, उसके बाद भी नगर पालिका सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। पड़ाव चौक से अस्थायी बस स्टैंड, खड़खड़िया नाला, बिलासपुर रोड तक बने डिवाइडरों में लगे बिजली के खंबों के बॉक्स खुले हुये हैं, कुछ जगहों पर तो टेप लगा हैं कई जगह खुली तारें भी हैं, जिससे बारिश के मौसम में करंट लगने का खतरा और भी बढ़ गया हैं। डिवाइडरों में लगे खम्बों की नंगी तारें खुली हुई हैं और उन पर कोई सुरक्षा उपाय नहीं किया गया है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही…और जवाबदारी किसकी…?
मुंगेलीवासियों का मानना हैं कि मुंगेली में बिजली की व्यवस्था बिजली विभाग और नगर पालिका द्वारा की जाती हैं, बावजूद इसके इन्हें यह खुली तारें क्यों नहीं दिख रही, साथ ही डिवाइडरों में लोहे के निकले टूटे हुए एंगल को भी नगर पालिका के अधिकारियों द्वारा नजरअंदाज किया जा रहा हैं, जिससे भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना की संभावना बढ़ गई हैं।
मुंगेली कलेक्टर कुंदन सिंह को अब इस मामले में संज्ञान लेकर त्वरित कार्यवाही करने की आवश्यकता हैं।






