एक कांग्रेस पार्षद विनय चोपड़ा को निष्कासित कर कांग्रेस ने निभाई औपचारिकता…
मुंगेली/ हाल ही में सम्पन्न हुए निकाय चुनाव में बीजेपी ने पूरे प्रदेश में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन बीजेपी की गढ़ वाली मुंगेली नगरपालिका में बीजेपी के कद्दावर नेताओ के बीच भी बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा। मुंगेली नगर पालिका में कांग्रेस के रोहित शुक्ला ने बीजेपी के शैलेश पाठक को पराजित कर नगर में कांग्रेस की सरकार स्थापित किया था।
नपा के उपाध्यक्ष पद के चुनाव में क्रास वोट करने वाले गद्दारों पर नहीं हो सकी कार्यवाही…
नगर पालिका मुंगेली के चुनाव में कांग्रेस के 11, बीजेपी के 10 और 1 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीतकर आए थे। कांग्रेस ने वरिष्ठ पार्षद अरविंद वैष्णव को और भाजपा ने जयप्रकाश मिश्रा को नगर पालिका उपाध्यक्ष पद के लिए उम्मीदवार बनाया गया था। कांग्रेस पार्षदों के बहुमत के बावजूद भी कांग्रेस का उपाध्यक्ष नहीं बनाया जा सका। इस चुनाव में कांग्रेस के पाले में अध्यक्ष सहित 12 मत थे। जबकि, बीजेपी के पास निर्दलीय पार्षद के साथ 11 मत थे। निर्वाचित नपा अध्यक्ष और 22 वार्ड के पार्षद ने अपने मतों का प्रयोग किया। जिसमें बीजेपी के पक्ष में 13, कांग्रेस के पक्ष में 9 तो 1 मत रिजेक्ट होकर बीजेपी पार्षद जयप्रकाश मिश्रा नगरपालिका में उपाध्यक्ष पद पर निर्वाचित हुए।
इस परिणाम ने यह सिद्ध कर दिया कि कांग्रेस में गद्दारों की कमी नहीं हैं क्योंकि कुछ 12 मत होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार को 9 मत मिलना यह अपने आप में बड़ा उदाहरण हैं। परिणाम आने के बाद कांग्रेस में गद्दारों की पहचान के लिए टीम बनाई गई थी, परंतु जांच टीम ने ऐसी जांच की कि केवल एक कांग्रेसी पार्षद विनय चोपड़ा को पार्टी से निकाला, जबकि पार्टी के बाकी गद्दारों के विषय में अभी तक कोई जांच या कार्यवाही नही की गई हैं, अब इसमें क्या अड़चन आ रही हैं यह तो कांग्रेस कमेटी या जांच कमेटी ही जाने ? कांग्रेस कार्यकर्ताओं में यह चर्चा हैं कि भाजपा को सपोर्ट करने वाले कांग्रेसी पार्षदों पर कार्यवाही न करने सत्तापक्ष के नेताओं का दबाव हैं ? डर हैं ? या कोई और बात ? यह समझ से बाहर हैं ? उनका कहना हैं कि कांग्रेस के खिलाफ काम करने वाले गद्दारों को जल्द ही पार्टी से निलंबित करना चाहिए। कार्यवाही न होने से कांग्रेसी कार्यकर्ताओं में बहुत ही आक्रोश देखा गया। कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने कहा कि जांच टीम को जल्द ही बाकी गद्दारों को पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए, कार्यवाही न होने पर जांच कमेटी पर उंगलियां उठ रही हैं।





